होली से पहले प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात देते हुए उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए ₹1,500 करोड़ की धनराशि जारी की है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 2022 में शुरू की गई इस सुविधा का उद्देश्य त्योहारों के समय गरीब परिवारों की खुशियों को दोगुना करना है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि 1 करोड़ 86 लाख उज्ज्वला योजना लाभार्थियों के खातों में यह राशि हस्तांतरित की जा रही है, जिससे उन्हें गैस सिलेंडर भरवाने में आर्थिक राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि होली जैसे बड़े पर्व पर किसी भी गरीब परिवार के घर में चूल्हा ठंडा न रहे, यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में यह निर्णय लिया गया था कि होली और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों पर उज्ज्वला लाभार्थियों को विशेष सहायता दी जाएगी। उसी क्रम में अब ₹1,500 करोड़ की यह बड़ी धनराशि जारी की गई है। सरकार का मानना है कि इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को महंगाई के दौर में राहत मिलेगी और वे बिना चिंता के त्योहार मना सकेंगे।
उज्ज्वला योजना की बात करें तो इसकी शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2016 में की गई थी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस योजना की शुरुआत Ballia से की थी। योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना था, ताकि वे धुएं से होने वाली बीमारियों से बच सकें और स्वच्छ ईंधन का उपयोग कर सकें। इस योजना ने देशभर में करोड़ों महिलाओं के जीवन में बदलाव लाया है।
उत्तर प्रदेश में इस योजना का व्यापक असर देखने को मिला है। राज्य सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर योजना को तेजी से लागू किया और अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक इसका लाभ पहुंचाया। आज प्रदेश में 1 करोड़ 86 लाख से अधिक महिलाएं उज्ज्वला योजना से जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीति ‘सबका साथ, सबका विकास’ के तहत गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए निरंतर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होली का त्योहार सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर यदि गरीब परिवारों को आर्थिक सहयोग मिले तो उनकी खुशियां और बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि त्योहारों के समय किसी भी गरीब परिवार को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। ₹1,500 करोड़ की यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
राज्य सरकार के अनुसार, यह सहायता उज्ज्वला लाभार्थियों को गैस सिलेंडर रिफिल के लिए दी जा रही है। कई परिवार ऐसे हैं जो कनेक्शन तो ले चुके हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण नियमित रूप से सिलेंडर नहीं भरवा पाते। ऐसे में त्योहारों के समय यह अतिरिक्त सहायता उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी। सरकार का दावा है कि इस कदम से लाखों परिवारों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते कुछ वर्षों में गरीब कल्याण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राशन वितरण, आवास योजना, शौचालय निर्माण, आयुष्मान भारत योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि त्योहारों से पहले इस तरह की घोषणाएं सामाजिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण होती हैं। एक ओर जहां यह गरीब परिवारों को राहत देती हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार की जनकल्याणकारी छवि को भी मजबूत करती हैं। हालांकि विपक्षी दलों ने समय-समय पर सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठाए हैं, लेकिन सरकार का दावा है कि सभी लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाया जा रहा है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से लाभार्थियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। कई महिलाओं ने कहा कि गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के कारण उन्हें रसोई खर्च संभालने में दिक्कत होती थी, लेकिन अब होली के मौके पर मिली यह सहायता उनके लिए बड़ी राहत है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छ ईंधन के उपयोग से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पारंपरिक चूल्हों से निकलने वाला धुआं फेफड़ों और आंखों के लिए हानिकारक होता है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देकर सरकार ने ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत किया है। त्योहारों के अवसर पर दी जाने वाली यह अतिरिक्त सहायता योजना को और प्रभावी बना सकती है।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों को लेकर आम जनता चिंतित है। ऐसे में सीधी आर्थिक सहायता से लोगों को तत्काल राहत मिलती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पात्र लाभार्थियों के खातों में समय पर राशि पहुंचना सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की शिकायत का त्वरित समाधान किया जाए।
अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर घर में खुशियां पहुंचे और कोई भी परिवार संसाधनों के अभाव में त्योहार की रौनक से वंचित न रहे। ₹1,500 करोड़ की यह सहायता राशि इसी संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए ऐसी योजनाएं जारी रहेंगी, ताकि उत्तर प्रदेश विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता रहे।
