ठूठीबारी सीमा पर एडीजी मुथा अशोक जैन का औचक निरीक्षण, भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी

Rakesh Chaudhary
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भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुथा अशोक जैन, अपर पुलिस महानिदेशक (गोरखपुर जोन), मंगलवार को ठूठीबारी सीमा क्षेत्र का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उनके साथ सोमेंद्र मीणा, पुलिस अधीक्षक महराजगंज भी मौजूद रहे। इस दौरान सीमा क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सीमा चौकियों और कोतवाली का निरीक्षण

एडीजी ने ठूठीबारी स्थित भारत-नेपाल बार्डर कोतवाली, चेक पोस्ट और सीमा पर तैनात पुलिस बल की तैयारियों का विस्तार से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शस्त्रागार, गार्द रूम, रजिस्टर निरीक्षक कार्यालय, आरक्षी बैरक, भोजनालय तथा आदर्श बैरक का बारीकी से अवलोकन किया।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सीमावर्ती थानों की कार्यप्रणाली हर समय सतर्क, अनुशासित और अपडेट रहनी चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही सीमा सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। औचक निरीक्षण की सूचना मिलते ही कोतवाली परिसर में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया, लेकिन अधिकारियों और जवानों ने अपनी तैयारियों को पूरी तत्परता से प्रस्तुत किया।

नेपाल में चुनाव और होली को लेकर सतर्कता

एडीजी जैन ने सीमा क्षेत्र में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों से संवाद स्थापित कर वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पड़ोसी देश नेपाल में 5 मार्च को प्रस्तावित चुनाव और आगामी होली पर्व को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

त्योहारों और चुनाव जैसे संवेदनशील अवसरों पर सीमावर्ती इलाकों में आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सीमाई क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, चेकिंग अभियान तेज करने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पेट्रोलिंग और संवेदनशील मार्गों की निगरानी

निरीक्षण के दौरान एडीजी ने विभिन्न चेक पोस्टों, पगडंडी मार्गों और संवेदनशील आवागमन स्थलों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सीमा से लगे ग्रामीण मार्गों और अनधिकृत रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जाए। कई बार तस्करी या अवैध गतिविधियों के लिए इन्हीं पगडंडियों का इस्तेमाल किया जाता है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि नियमित और प्रभावी पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर भी बल दिया गया। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिले तो तत्काल कार्रवाई की जाए और संबंधित एजेंसियों को सूचित किया जाए।

नेपाल पुलिस से बेहतर समन्वय की आवश्यकता

सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए एडीजी ने भारतीय एजेंसियों और नेपाल पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा तभी प्रभावी हो सकती है, जब दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां एक-दूसरे के साथ निरंतर संवाद और सहयोग बनाए रखें।

साझा गश्त, सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त रणनीति के माध्यम से ही सीमा पार अपराधों, तस्करी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमा सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और देश की आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पुलिस व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान एडीजी ने पुलिस व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों, संचार व्यवस्था और प्रशिक्षण से सुसज्जित रहना चाहिए।

उन्होंने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि वे देश की सुरक्षा की पहली पंक्ति में खड़े हैं। उनकी सतर्कता और प्रतिबद्धता से ही सीमा क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था कायम रह सकती है। जवानों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने और अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी गई।

जनता के साथ संवाद पर जोर

एडीजी जैन ने यह भी निर्देश दिया कि स्थानीय जनता के साथ संवाद बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक कई बार महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कर सकते हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए सहायक साबित होती हैं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन में विश्वास का वातावरण बनाए रखें, ताकि लोग किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दे सकें। पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल से ही सीमा क्षेत्र में स्थायी शांति और सौहार्द स्थापित किया जा सकता है।

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