महराजगंज बाईपास पर छापा: दस्तावेजी गड़बड़ी मिलने पर ‘क्लासिक कंफर्ट स्पा’ पर ताला

Santosh gaun
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उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद में मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्पा सेंटर को सील कर दिया। फरेंदा थाना क्षेत्र के व्यस्त बाईपास मार्ग पर संचालित “क्लासिक कंफर्ट स्पा सेंटर” पर औचक छापेमारी के दौरान दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से उसके संचालन पर रोक लगा दी गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पूरे कस्बे में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही।

शिकायतों के बाद बनी जांच टीम

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फरेंदा कस्बे में स्थित इस स्पा सेंटर के संबंध में पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि सेंटर का संचालन निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। आवश्यक लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र और आगंतुक रजिस्टर के रख-रखाव में गड़बड़ी की बात सामने आ रही थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संयुक्त टीम गठित कर औचक निरीक्षण का निर्णय लिया।

एसडीएम और तहसीलदार के नेतृत्व में छापेमारी

मंगलवार दोपहर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) शैलेन्द्र गौतम और तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ अचानक स्पा सेंटर पहुंची। टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने सबसे पहले परिसर को घेर लिया और व्यवस्थित तरीके से जांच प्रक्रिया शुरू की।

छापेमारी के दौरान किसी भी व्यक्ति को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। अधिकारियों ने कर्मचारियों से पहचान संबंधी दस्तावेज और संचालन से जुड़े कागजात प्रस्तुत करने को कहा।

दस्तावेजों में मिली अनियमितताएं

जांच के दौरान स्पा सेंटर में मौजूद लगभग तीन महिला कर्मचारी और एक युवक से पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारी अपना वैध पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे संदेह और गहराया। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए फरेंदा थाने भेज दिया गया।

प्रशासनिक टीम ने लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र, आगंतुक रजिस्टर और डीबीआर (डेली बिजनेस रजिस्टर) सहित अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि रजिस्टरों में कई महत्वपूर्ण प्रविष्टियां अधूरी थीं। आगंतुकों का पूरा विवरण दर्ज नहीं था और दैनिक आय-व्यय के रिकॉर्ड में भी स्पष्ट विसंगतियां सामने आईं। कुछ दस्तावेज अद्यतन नहीं पाए गए, जबकि कुछ रिकॉर्ड संदिग्ध प्रतीत हुए।

इन प्रारंभिक अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया और स्पा सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।

मुख्य द्वार पर लगा ताला

कार्रवाई के तहत सभी कर्मचारियों को बाहर निकालकर स्पा सेंटर के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अगली सूचना तक इस प्रतिष्ठान का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जब्त किए गए अभिलेखों की विस्तृत जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

छापेमारी की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय नागरिकों में इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने प्रशासन की सख्ती का स्वागत किया, जबकि कुछ ने निष्पक्ष जांच की मांग की।

अधिकारियों का बयान

उपजिलाधिकारी शैलेन्द्र गौतम ने बताया कि स्पा सेंटर के संचालन से संबंधित सभी दस्तावेजों की गहन समीक्षा की जा रही है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में संचालित अन्य स्पा सेंटरों की भी समय-समय पर जांच की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा ने कहा कि शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या दस्तावेजी गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब्त किए गए रजिस्टरों और अभिलेखों की विशेषज्ञ स्तर पर समीक्षा कराई जाएगी।

पुलिस कर रही पूछताछ

फरेंदा थाना पुलिस पूछताछ के लिए भेजे गए कर्मचारियों से प्रारंभिक जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि वे यहां किस भूमिका में कार्यरत थे और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी उन्हें किस हद तक थी। आवश्यकता पड़ने पर संचालक और अन्य संबंधित व्यक्तियों को भी तलब किया जा सकता है।

बढ़ते स्पा सेंटरों पर निगरानी की जरूरत

यह घटना एक बार फिर जिले में तेजी से खुल रहे स्पा और वेलनेस सेंटरों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रतिष्ठानों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और नियमित निरीक्षण अनिवार्य होना चाहिए। लाइसेंस, पंजीकरण, कर्मचारियों का सत्यापन और वित्तीय रिकॉर्ड का नियमित ऑडिट पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित अनियमितता को समय रहते रोकना है।

आगे क्या?

फिलहाल “क्लासिक कंफर्ट स्पा सेंटर” सील है और विस्तृत जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि संचालक संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहते हैं या गंभीर अनियमितताएं सिद्ध होती हैं, तो लाइसेंस निरस्त करने से लेकर दंडात्मक कार्रवाई तक की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

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