मुफ्त राशन योजना में मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 80 करोड़ लोगों को होगा फायदा

Rakesh Chaudhary
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MODI

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार ने गरीब और जरूरतमंद लोगों तक राशन व्यवस्था को और मजबूत, पारदर्शी तथा तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने के उद्देश्य से ‘सार्थक-पीडीएस’ (SARTHAK-PDS) योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर केंद्र सरकार करीब 25,530 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

सरकार के इस फैसले का सीधा असर देश के लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों पर पड़ेगा, जिन्हें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कैबिनेट बैठक के बाद इस योजना की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि सरकार ने राशन व्यवस्था में तीन बड़े बदलाव किए हैं, जिनसे आम लोगों, राशन डीलरों और राज्य सरकारों को राहत मिलेगी।

राशन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी

केंद्र सरकार का कहना है कि देश में चल रही विशाल राशन वितरण व्यवस्था को अब तकनीक से जोड़कर और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा। सरकार चाहती है कि गरीबों तक राशन समय पर पहुंचे, वितरण में गड़बड़ी न हो और लाभार्थियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

सरकार की नई ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना का मुख्य उद्देश्य राशन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, आधुनिक और जवाबदेह बनाना है। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा, ताकि राशन वितरण की प्रक्रिया आसान और तेज हो सके।

पहला बड़ा बदलाव: राज्यों को मिलेगी आर्थिक मदद

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कई राज्य सरकारों को भारतीय खाद्य निगम (FCI) के बड़े गोदामों से अनाज को जिलों, ब्लॉकों और अंततः राशन दुकानों तक पहुंचाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

अब केंद्र सरकार इस काम के लिए राज्यों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देगी। इससे राज्यों पर वित्तीय बोझ कम होगा और राशन वितरण में तेजी आएगी।

उन्होंने कहा कि कई बार परिवहन लागत बढ़ने और संसाधनों की कमी के कारण राशन समय पर दुकानों तक नहीं पहुंच पाता था, जिससे गरीब लोगों को परेशानी होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अनाज की सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा और अंतिम व्यक्ति तक राशन समय पर पहुंचाने का प्रयास होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम खासतौर पर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा, जहां परिवहन व्यवस्था कमजोर होने के कारण राशन वितरण प्रभावित होता रहा है।

दूसरा बड़ा बदलाव: राशन डीलरों का बढ़ेगा कमीशन

सरकार ने राशन दुकानदारों यानी पीडीएस डीलरों को भी बड़ी राहत दी है। लंबे समय से राशन डीलर अपने कमीशन में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई और खर्चों के बीच पुराने कमीशन में दुकान चलाना मुश्किल हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने डीलरों की मांग को स्वीकार करते हुए उनका कमीशन बढ़ाने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि राशन दुकानदार पूरे सिस्टम की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि उन्हें उचित आर्थिक सहयोग नहीं मिलेगा तो राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए सरकार ने फैसला लिया है कि डीलरों की आय बढ़ाई जाए, ताकि वे बेहतर तरीके से अपनी सेवाएं दे सकें।

सरकार के इस फैसले से देशभर के लाखों राशन डीलरों को सीधा लाभ मिलेगा। माना जा रहा है कि कमीशन बढ़ने से राशन दुकानों पर सुविधाएं भी बेहतर होंगी और उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।

तीसरा बड़ा बदलाव: AI और नई तकनीक का इस्तेमाल

सरकार ने राशन वितरण प्रणाली में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर भी बड़ा जोर दिया है। अब पीडीएस लाभार्थियों के रजिस्ट्रेशन और सत्यापन में AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसका उद्देश्य फर्जी राशन कार्डों पर रोक लगाना, पात्र लोगों की सही पहचान करना और वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है।

सरकार का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों में कमी आएगी। साथ ही राशन वितरण से जुड़ी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से निगरानी भी आसान होगी।

नई तकनीक लागू होने के बाद लाभार्थियों का डेटा बेहतर तरीके से अपडेट किया जा सकेगा और जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इसके अलावा सरकार राशन दुकानों को भी डिजिटल रूप से मजबूत करने की तैयारी कर रही है। ई-पॉइंट ऑफ सेल मशीन, ऑनलाइन रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रैकिंग और आधार आधारित सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।

80 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ

देश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लगभग 80 करोड़ लोग मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। केंद्र सरकार कोरोना महामारी के समय से ही गरीबों को मुफ्त अनाज उपलब्ध करा रही है और इस योजना को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

सरकार का दावा है कि मुफ्त राशन योजना ने करोड़ों गरीब परिवारों को आर्थिक राहत देने में बड़ी भूमिका निभाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मजदूर, गरीब परिवार और निम्न आय वर्ग के लोग इस योजना से सबसे अधिक लाभान्वित हुए हैं।

नई ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना लागू होने के बाद राशन वितरण व्यवस्था और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है। सरकार चाहती है कि गरीबों तक राशन पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।

सरकार का फोकस पारदर्शिता और जवाबदेही पर

सरकार लगातार पीडीएस सिस्टम में सुधार की दिशा में काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में वन नेशन वन राशन कार्ड जैसी योजनाओं को लागू किया गया, जिससे लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में राशन प्राप्त कर सकते हैं।

अब नई योजना के जरिए सरकार वितरण व्यवस्था को पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित बनाना चाहती है। इससे लाभार्थियों को सुविधाएं बढ़ेंगी और व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AI आधारित निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग को सही तरीके से लागू किया गया तो राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

लू से निपटने पर भी सरकार अलर्ट

कैबिनेट बैठक के दौरान देश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू की स्थिति पर भी चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मंत्रालयों और विभागों को सतर्क रहने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय, जल संसाधन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को विशेष तैयारी करने के लिए कहा गया है। लू से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और राहत कार्यों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि गर्मी और लू जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान ‘पूरे राष्ट्र की भावना’ के साथ कार्य करने पर जोर दिया।

गरीबों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम

राजनीतिक और आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह फैसला गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम है।

एक तरफ सरकार राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत कर रही है तो दूसरी तरफ तकनीक के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास कर रही है। राशन डीलरों का कमीशन बढ़ाने से सिस्टम की कार्यक्षमता बेहतर होने की उम्मीद है, जबकि राज्यों को आर्थिक मदद मिलने से वितरण प्रक्रिया मजबूत होगी।

आने वाले समय में यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि देश का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति राशन से वंचित न रहे और सभी पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचे।

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