जनपद कुशीनगर में नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के बीडीओ राम खेलावन सेठ के सरकारी और निजी वाहन में आगजनी की घटना का पुलिस ने चौथे दिन पर्दाफाश कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह आगजनी किसी साजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम थी। इस मामले में पुलिस ने महिला रसोइया के प्रेमी गोलू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना बीते गुरुवार की आधी रात की है। नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के बीडीओ राम खेलावन सेठ इन दिनों अपने सरकारी आवास की मरम्मत के कारण ब्लॉक मुख्यालय के पास स्थित रामपुर खुर्द गांव में किराए के मकान में रह रहे हैं। रात के समय उनके आवास के बाहर उनकी सरकारी और निजी वाहन खड़ी थी।
आधी रात के करीब अचानक बाहर से शोर और लपटें उठती देख बीडीओ की नींद खुली। बाहर निकलकर देखा तो उनकी दोनों गाड़ियां आग की चपेट में थीं। उन्होंने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दोनों वाहन पूरी तरह जल चुके थे।
मौके से मिला अहम सुराग
घटना की सूचना मिलते ही नेबुआ नौरंगिया पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल के पास एक खाली बोतल मिली, जिसमें पेट्रोल की गंध आ रही थी। इससे पुलिस को संदेह हुआ कि आग जानबूझकर लगाई गई है।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई।
मोबाइल सीडीआर से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बीडीओ के यहां भोजन बनाने एक युवती आती है। पुलिस ने युवती के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाया। जांच में पाया गया कि घटना से पहले और बाद में उसकी बातचीत रामपुर खुर्द निवासी गोलू यादव से हुई थी।
संदेह के आधार पर पुलिस ने गोलू यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब उसके सामने तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल रखे गए, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी ने क्या बताया?
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका प्रेम प्रसंग बीडीओ के यहां खाना बनाने आने वाली युवती से चल रहा है। उसने युवती को कई बार बीडीओ के यहां काम छोड़ने के लिए कहा था, लेकिन उसके घर वाले इस बात के लिए तैयार नहीं हुए।
आरोपी का आरोप है कि बीडीओ अक्सर युवती को रात में अपने आवास पर रोक लेते थे, जो उसे पसंद नहीं था। इसी बात से वह मानसिक रूप से परेशान था। गुस्से और आक्रोश में उसने अपनी बाइक से पेट्रोल निकाला और घटना वाली रात बीडीओ के आवास पर पहुंचकर दोनों गाड़ियों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
पुलिस टीम की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में एसएचओ चंद्रभूषण प्रजापति, दारोगा संदीप यादव, कांस्टेबल यशवंत यादव, अश्विनी कुमार, संदीप कुमार और दीपक कुमार शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना पूरी तरह से व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम थी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
वाराणसी के मूल निवासी हैं बीडीओ
बीडीओ राम खेलावन सेठ मूल रूप से वाराणसी जिले के कठीराव गांव के निवासी हैं। वर्तमान में वे नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में बीडीओ पद पर तैनात हैं। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
क्षेत्र में चर्चा का विषय
घटना के बाद पूरे इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकारी अधिकारी के वाहन में आगजनी की घटना ने प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मचा दी थी। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
कानून व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि व्यक्तिगत विवाद किस तरह कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। यदि समय रहते विवाद सुलझा लिया जाता, तो शायद इतनी बड़ी घटना टल सकती थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए। गुस्से में उठाया गया कदम किसी के लिए भी गंभीर परिणाम ला सकता है।
